*बढ़ा हुआ कार्यकाल कुलपति के लिए साबित हो रहा वरदान*
*अपनी कार्यशैली के चलते पूरे कार्यकाल में सुर्खियों में रहे वीसी*
*हिम्मत बहादुर सिंह*
*जौनपुर।*
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल वि·ाविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम का तीन महीने का बढ़ा कार्यकाल उनके लिए बरदान साबित हो रहा है। बढ़े कार्यकाल में विवादित फाइलों का भारी भरकम रकम बिचौलियों के माध्यम से लेकर धड़ल्ले से निस्तारण कर रहे है। हालांकि वह अपने तीन साल के कार्यकाल में अपनी कार्यशैली के चलते हमेशा सुर्खियों में रहे चाहे विश्वविद्यालय में नियुक्ति का मामला रहा, सिक्यिूरिटी का टेंडर रहा हो चाहेे नये कालेजों की मान्यता रही हो।
गौरतलब हो कि कुलपति प्रो. राजाराम का तीन साल की कार्यकाल एक मई को समाप्त हो गया। लाकडाउन के कारण राज्यपाल आनंदीबेन ने कुलपति प्रो. राजाराम का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया। तीन महीने का यह बढ़ा हुआ कार्यकाल उनके लिए वरदान साबित हो गया। सूत्रों की मानें तो मौजूदा समय में सबसे अधिक विवादित फाइलों को निबटा रहे है। उसमें भी प्रबंधतंत्र की फाइले सबसे अधिक है। बयालसी पीजी कालेज का प्रबंधतंत्र का विवाद काफी लंबे समय से चल रहा था। इस मामले में कुलपति ने बिचौलियों के माध्यम से भारीभरकम रकम लेकर एक पक्ष को हरी झंडी दे दी। यह कालेज तो महज बानगी है इस तरह से कई कालेजों के प्रबंधतंत्र के विवादों को बिचौलियों के माध्यम से रकम लेकर रफातफा कर रहे हैं। आए दिन किसी न किसी विवादित फाइल का निस्तारण कुलपति जाते-जाते बेखौफ होकर कर रहे है। नियुक्तियों में की गई अनियमितता का मामला तो शासन स्तर तक पहुंच चुका है। अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए उन्होंने नियम कानून को ताक पर रख कर काम करने से परहेज नहीं किया। अपनी कार्यशैली को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पहले कुलपति है।
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