अभी तक बगैर फास्टैग वाहनों को टोल प्लाजा के कैश काउंटर पर शुल्क जमाकर आगे जाने की सुविधा दी गई थी। वहीं ऐसे में जिन वाहनों पर फास्टैग नहीं लगा है या उनका रिचार्ज नहीं है, उन्हें 15 फरवरी से परेशानी होगी। ज्ञात हो कि टोल प्लाजा पर यात्रियों को जाम से निजात दिलाने के लिए फास्टैग की सुविधा शुरू की गई है।
जाम से मिलेगा छुटकारा:
टोल प्लाजा पर फास्टैग की व्यवस्था पूरी तरह शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा।
टोल पर्ची कटवाने में एक वाहन को लगभग दो मिनट लग जाता है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। टोल प्लाजा कैशलेस होने के बाद फास्टैग लगा होने पर मात्र पांच सेकंड में गाड़ी अपने गंतव्य को रवाना हो सकेगी और जाम से भी नहीं जूझना पड़ेगा। वहीं टोल प्लाजा पर नकद भुगतान 15 फरवरी तक ही हुआ। इसे बढ़ाने का कोई आदेश नहीं आया है।
29 बैंक और प्राइवेट कंपनिया अधिकृत
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआइ) ने 29 बैंकों और प्राइवेट कंपनियों को फास्टैग के लिए अधिकृत किया है। स्थानीय स्तर पर लगभग 20 बैंक और प्राइवेट कंपनियों के माध्यम से ऑनलाइन, ऑफलाइन फास्टैग खरीद सकते हैं।
इसके लिए ड्राइवर के लाइसेंस और वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कापी जमा कर फास्टैग खरीदा जा सकता है। वहीं इसकी कीमत 100 रूपये तय की गई है, लेकिन अभी की स्थिति औसतन हर हफ्ते एक प्रतिनिधि लगभग 150 गाड़ियों का ही फास्टैग कर रहा है।
क्या है फास्ट टैग:
फास्ट टैग बार-बार रिचार्ज होने वाला प्रीपैड टैग है। इसका उपयोग कर टोल प्लाजा पर ऑटोमैटिक भुगतान हो जाएगा। आपको टोल टैक्स चुकाने के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस टैग में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिटीफिकेशन (आरएफआइडी) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
एक बार एक्टिव होने के बाद इसे गाड़ी की विंड स्क्रीन पर चिपकाया जा रहा है। टोल प्लाजा पर लगे सेंसर खुद ही टैग को रीड कर खुद एकाउंट से टोल टैक्स की राशि डिबेट कर लेगा।
इससे क्या होगा फायदा
- नकद भुगतान के लिए पर्ची कटवाने की समस्या होगी खत्म ।
- वाहनों की कतार नहीं लगने से टोल प्लाजा पर जाम नहीं होगा।
- फास्टैग पर 2.5% कैश बैक मिलने, सिर्फ 10 सेकंड तक ही रुकेगी गाड़ी ।
- टोल से गुजरने पर रजिस्टर्ड नंबर पर मैसेज आता है, जिससे लोकेशन मिलता है।
- फास्टैग की व्यवस्था पूरी तरह शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा।
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