सिंधु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पूनिया को सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल में भेजे जाने पर सपा नेता रजनीश मिश्रा ने आक्रोशित होकर शहर के सद्भावना पुल के पास विरोध प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए इस दौरान सपा नेता रजनीश मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया की गिरफ्तारी से आहत हूँ।
मनदीप की गिरफ्तारी इस बात का संदेश है की अगर कोई सच बोलने की कोशिश करेगा तो वह जेल की सलाखों के पीछे होगा।
दरअसल सिंघु बार्डर पर किसानों पर हमला करने वाले जिन लोगो ने यह कहा था कि वे स्थानीय लोग है उनमें से कइयों की तस्वीर के साथ मनदीप ने यह खोज निकाला था कि वे स्थानीय लोग नही बल्कि बीजेपी के कार्यकर्ता है हमलावरों में से कई चेहरों को दल के बड़े नेताओं के करीबी संबंधों को उनकी तस्वीरो के साथ उजागर किया था इसी को लेकर सरकार के इशारे पर तिहाड़ जेल में डाल दिया गया सरकार की एजेंसियों ने मनदीप की रिपोर्टिंग को ही अपराध मान लिया जो बहुत गलत है मौजूदा सरकार किसान विरोधी सरकार है सरकार को चाहिए की किसान बिल वापसी कर आन्दोलन खत्म कराना चाहिए लोकतंत्र में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को होता है लेकिन इस सरकार में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने पर लाठियां और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं प्रदर्शनकारियों के ऊपर जो बहुत ही निंदनीय है सपा नेता रजनीश मिश्रा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द मनदीप को तिहाड़ जेल से रिहा नहीं किया जाता है तो हमलोग प्रदेशस्तरीय आन्दोलन करने को बाध्य होंगे छात्र नेता रितेश बिंद एवं अमित शुक्ला ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा सरकार में जब पत्रकारों को जेल में डाला जा रहा है तो आम जनता कैसे अपने को सुरक्षित माने विरोध प्रदर्शन में फैसल सिद्धकी, शिवा यादव, राकेश शर्मा, विनोद शर्मा, रहे
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