जौनपुर। फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे अधिकारियों को डार्क में रखकर डार्क रूम सहायक पद की नौकरी हासिल करने के प्रयास में एक युवक शुक्रवार को कानून के शिकंजे में फंस गया। एटा से जौनपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में नौकरी ज्वाइन करने आए युवक को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पकड़वा कर पुलिस को सौंप दिया। बाद में पुलिस ने गहराई से छानबीन की तो युवक ने फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
दरअसल, एटा जिले के मैनपुरी रोड पर स्थित अलीगंज के निवासी नित्यानंद सिंह पुत्र स्वर्गीय भूप सिंह ने बीते 25 अगस्त 2020 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी जौनपुर को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाये उत्तर प्रदेश द्वारा जारी किया गया एक नियुक्ति पत्र सौपा।
इस पत्र में उच्चाधिकारियों के हस्ताक्षर और फर्जी मोहर से जारी हुए पत्र में स्प्ष्ट आदेश है कि मथुरा जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बल्देव में तैनात स्वास्थ्य कार्यकर्ता भूप सिंह की सेवाकाल में मृत्यु हो गयी। मृतक आश्रित नित्यानंद सिंह को जौनपुर में डार्क रूम सहायक पद पर नियुक्त किया जाय। जौनपुर जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राकेश कुमार ने इस पत्र की जांच पड़ताल के लिए राज्य मुख्यालय लखनऊ भेजा तो वहां से चौंकाने वाली रिपोर्ट आई।
जांच में पता चला कि यह नियुक्ति पत्र और इस पर दर्ज अधिकारियों के पद नाम, कार्यालय की मोहर और पत्रांक संख्या पूरी तरह से फर्जी है। यह रिपोर्ट पिछले महीने 21 जनवरी को सीएमओं को प्राप्त हो गया था। लेकिन उसके बाद से नियुक्ति पत्र पर ज्वाइन करने वाला युवक लापता था। शुक्रवार को नित्यानंद पुनः सीएमओ कार्यालय पहुंचकर नियुक्ति करने के लिये अनुरोध किया । इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राकेश कुमार ने उसे अपने कार्यालय में बैठा कर शीघ्र ही ज्वाइन कराने की बात कही। उधर, सीएमओ ने पुलिस अधीक्षक राजकरण नैयर को सूचना देते हुए थानाध्यक्ष लाईन बाजार योगेंद्र प्रसाद यादव को फोन करके पुलिस बुला लिया। पुलिस ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर जालसाज युवक को हिरासत में लेते हुए थाना लाईन बाजार ले आई । यहां युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467 व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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