जौनपुर पुलिस अधीक्षक कोविड-19 महामारी लॉकडाउन के दौरान जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध रूप से मछली की बिक्री करने वालों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के क्रम में शुक्रवार मुखबिर से सूचना मिली कि माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के सहयोगी युवा गुर्गे जौनपुर में अवैध रूप से प्रतिबंधित मछली की बिक्री धड़ल्ले से कर रहे है।बताया जाता है कि जौनपुर शहर के मछली मंडियों से धमकी देकर अवैध वसूली की जा रही है। इस सूचना पर विश्वास करके प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जवानों के साथ साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मत्स्य निरीक्षक अनुमानित कीमत ₹2000, 80 कुंतल प्रतिबंधित मछली 240000 तथा नगद ₹9500 12 चक्का ट्रक गाड़ी नंबर AP39 TV 3317 बरामद की गई है मछली की तस्करी में सम्मिलित रविंद्र कुमार निषाद पुत्र स्वर्गीय रतीलाल निषाद जोगियापुर थाना कोतवाली को पुलिस ने गिरफ्तार किया है ।
*मुख्तार अंसारी के नजदीकी सहयोगी मछली माफिया रविन्द्र कुमार निषाद के विरुद्ध FIR पंजीकृत, 12 लाख कीमत की 25 किलो प्रतिबंधित मछली मांगूर व 80 कुन्टल रोहू व प्यासी मछली , एक ट्रक सीज*
पुलिस व जिला प्रशासन ( खाद्य सुरक्षा विभाग व मत्स्य विभाग) द्वारा जनपद में मछली के विधि-विरुद्ध तरीके से किये जा रहे व्यापार पर कार्यवाही करते हुए थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 0298/2020 धारा 188/269/270 /386/506/273 भादवि व खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम धारा 31/63 व पर्यावरण संरक्षण अधिनियम धारा 5/8 व महामारी अधि0 1897 धारा 3 के अंर्तगत 02 अभियुक्तों के विरुद्ध दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है।
*अभियुक्त*
1. माफिया रविन्द्र कुमार निषाद पुत्र स्व0 रति लाल निषाद निवासी जोगियापुर थाना कोतवाली जनपद जौनपुर ।
2. बी0 नारायण राव पुत्र बी0लक्ष्मी नायडू निवासी विगना कालेज के पीछे कैकलुरु थाना कैकलुरु जिला कृष्णा आन्ध्रप्रदेश ।
*बरामदगी* :
1. 12. टायरा ट्रक AP 39 TB 3317
2. मछली की प्रजाति -25 किग्रा प्रतिवंधित मछली मांगुर व 80 कुंतल रोहू व पियासी मछली कीमती करीब 12 लाख ।
उल्लेखनीय है कि रविन्द्र कुमार निषाद उर्फ पप्पू के द्वारा मछली के व्यवसाय को विधि विरुद्ध तरीके से संचालित कर आस पास के कई जिलों व सीमावर्ती प्रदेश बिहार में सप्लाई किया जाता रहा है। पुलिस को गोपनीय जानकारी होने के बाद सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर यह कार्यवाही की गई है। यह भी महत्वपूर्ण है कि रविन्द्र कुमार निषाद उर्फ पप्पू का जुड़ाव मुख्तार अंसारी गिरोह से रहा है एवं इस व्यवसाय से अर्जित धन को इस गैंग के गुर्गों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में इस्तेमाल करने की बात भी प्रकाश में आई है।खाद्य सामाग्री की बिक्री हेतु यदि 12 लाख सालाना से कम का व्यपार होता है तो रजिस्ट्रेशन होता है। यदि 12 लाख से अधिक का व्यपार होता है तो लाइसेन्स बनता है परन्तु अभियुक्तों के पास न तो रजिस्ट्रेशन है और नाही लाइसेन्स है,यह खाद्य विभाग द्वारा जारी होता है। इन माफियाओं द्वारा अपराध से अर्जित सम्पत्ति से पक्के मकान का निर्माण कराया गया है, तथा एक माल का निर्माण कराया जा रहा है जिसके सम्बन्ध में अलग से जाँच की जी रही है।Don News Express Team). (आबिश इमाम "सनी" ज़िला क्राइम रिपोर्टर) Mobile 9125929558
(अजादार हुसैन जिला संवाददाता जौनपुर) Mob. 7651905840
(मोहम्मद शारिक खान")विशेष संवाददाता"7275477001
(आज़म ज़ैदी मंडल प्रभारी) Mobile 7607148319 सैय्यद क़ायम रज़ा रिज़वी मंडल प्रभारी लखनऊ मोबाइल :9452088755
0 Comments